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खुशखबरी! साइबर धोखाधड़ी में फंसी रकम अब आसानी से वापस मिलेगी

नई दिल्ली, — केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने साइबर अपराध पीड़ितों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब साइबर धोखाधड़ी में फंसी रकम वापस पाना और भी आसान हो गया है। गृह मंत्रालय ने Money Restoration Module (MRM) नामक नया पोर्टल शुरू किया है, जो National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) के अंतर्गत काम करेगा।

क्या है MRM पोर्टल?

MRM पोर्टल का मकसद साइबर अपराध के शिकार लोगों को उनकी होल्ड (Freeze) की गई रकम को सीधे उनके बैंक खाते में वापस दिलाना है। पहले पीड़ितों को विभिन्न थानों और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल हो गई है।

यह पोर्टल उन मामलों के लिए है जिनमें बैंक खातों में रकम फ्रीज की गई है और अपराधियों द्वारा पैसे निकाल लिए जाने से पहले रोक लगा दी गई है।

कौन कर सकता है आवेदन?

  केवल वे पीड़ित जिन्होंने NCRP पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर 14-अंकीय Registered Acknowledgement Number प्राप्त किया है।

  रकम उन बैंक खातों में होनी चाहिए जिन्हें पहले ही अपराधियों के खिलाफ फ्रीज किया जा चुका है।

  नोट: यह पोर्टल उन मामलों के लिए नहीं है जिनमें अपराधियों द्वारा पैसे पहले ही निकाल (Withdraw) लिए गए हों।

होल्ड राशि रिफंड के नियम

  ₹50,000 तक: एक बैंक खाते में ₹50,000 तक की होल्ड राशि होने पर FIR या अन्य दस्तावेज के आधार पर सीधे रिफंड हो सकता है।

  ₹50,000 से अधिक: राशि को अलग-अलग खातों में विभाजित करके या कानूनी प्रक्रिया के तहत रिफंड किया जाएगा।

आवेदन की 5 आसान स्टेप प्रक्रिया

1.  https://mrm-ncrp.mha.gov.in/ पर जाएं।

2.  Citizen Login से मोबाइल नंबर और OTP के जरिए लॉगिन करें।

3.  ‘Raise Refund Request’ पर क्लिक करें और 14-अंकीय Complaint ID डालें।

4.  PAN Card, बैंक खाता नंबर और IFSC कोड दर्ज करें।

5.  सबमिट करने के बाद Unique Request ID (MR2026…) मिलेगा, जिससे आप आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकेंगे।

पुलिस की भूमिका

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस BNSS की धारा 106(3) के तहत Indemnity Bond/Notice जारी करेगी, जिसके बाद बैंक सीधे पीड़ित के खाते में रकम रिस्टोर करेगा।

हेल्पलाइन और सहायता

  किसी भी तकनीकी समस्या के लिए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।

  वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in

  पोर्टल पर User Manual Guide भी उपलब्ध है।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि यह पहल 100% निशुल्क, सुरक्षित और पारदर्शी है। इससे लाखों साइबर पीड़ितों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — साइबर जागरूकता ही सुरक्षा है।

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