नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की हालिया जांच में एक बड़े संगठित साइबर अपराध का खुलासा हुआ है। फर्जी प्रोफाइल बनाकर डेटिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जा रहा था। अपराधी हनी ट्रैप का सहारा लेकर पीड़ितों से निजी बातचीत करते, उनके अंतरंग वीडियो/फोटो रिकॉर्ड करते और फिर पुलिस अधिकारी बनकर ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठते थे।
कैसे काम कर रहा था रैकेट?
• अपराधी डेटिंग ऐप्स पर आकर्षक फर्जी प्रोफाइल बनाते थे।
• पीड़ितों के साथ लंबे समय तक विश्वास बनाकर ऑनलाइन बातचीत करते।
• निजी/अंतरंग वीडियो कॉल या सामग्री रिकॉर्ड कर लेते।
• बाद में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमकाते और लाखों रुपये मांगते।
साइबर डोस्ट (I4C) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जनजागरूकता अभियान चलाया है।
सावधानियां (जरूर अपनाएं):
• फर्जी प्रोफाइल और जल्दबाजी वाली ऑनलाइन दोस्ती से बचें।
• कभी भी अंतरंग तस्वीरें या वीडियो किसी के साथ शेयर न करें।
• ब्लैकमेल होने पर तुरंत बात बंद करें और रिपोर्ट करें।
अगर आप भी इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं तो तुरंत रिपोर्ट करें:
• हेल्पलाइन नंबर: 1930
• वेबसाइट: cybercrime.gov.in
दिल्ली पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट इस तरह के रैकेट्स पर लगातार नजर रख रही है। नागरिकों से अपील है कि वे जागरूक रहें और सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करें।
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