
(जीवन दिशा न्यूज़) लॉन्गेविटी रिसर्चर और बायोहैकर ब्रायन जॉनसन ने हाल ही में अपने सेल्फ-ट्रैकिंग एक्सपेरिमेंट के नतीजे शेयर किए हैं, जो काफी चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया है कि हाई-हीट ड्राई सौना (200°F या लगभग 93°C) के नियमित सेशन से उनके शरीर में माइक्रोप्लास्टिक्स, फ्थैलेट्स (phthalates) और परक्लोरेट जैसे पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थों में बड़ी कमी आई है।
ब्रायन जॉनसन के एक्सपेरिमेंट के मुख्य नतीजे
• 15 सेशन (कई महीनों में) के बाद:
• खून और सीमेन (semen) में माइक्रोप्लास्टिक्स में 85-88% की कमी आई।
• सीमेन में: नवंबर 2024 में 165 पार्टिकल्स/मिलीलीटर से जुलाई 2025 में सिर्फ 20 पार्टिकल्स/मिलीलीटर तक गिरावट।
• खून में: अक्टूबर 2024 में 70 से मई 2025 में 10 पार्टिकल्स/मिलीलीटर तक कमी।
• कुछ फ्थैलेट्स (phthalates) और परक्लोरेट पूरी तरह गायब हो गए।
• अन्य पर्यावरणीय केमिकल्स में भी काफी कमी आई।
जॉनसन का कहना है कि इस दौरान उन्होंने कोई बड़ा डाइट, लाइफस्टाइल या सप्लीमेंट बदलाव नहीं किया, इसलिए सौना ही मुख्य वजह हो सकती है।
यह कैसे काम करता है?
हाई-हीट ड्राई सौना से शरीर का कोर टेम्परेचर बढ़ता है, ब्लड फ्लो तेज होता है, खूब पसीना आता है और हीट-शॉक प्रोटीन्स एक्टिवेट होते हैं। ये प्रक्रियाएं शरीर में जमा कुछ स्टोरड टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद कर सकती हैं।
पसीने के जरिए कुछ केमिकल्स (जैसे BPA, phthalates और भारी धातु) बाहर निकलते हैं, जो लीवर और किडनी के साथ मिलकर एक अतिरिक्त detox पाथवे बनाते हैं।
महत्वपूर्ण सावधानियां और सच्चाई
• ये नतीजे सिर्फ एक व्यक्ति (N=1) के सेल्फ-एक्सपेरिमेंट पर आधारित हैं, न कि बड़े रैंडमाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल पर।
• वैज्ञानिक रूप से सॉलिड माइक्रोप्लास्टिक पार्टिकल्स को पसीने से निकालने का कोई पुख्ता सबूत नहीं है, लेकिन उनसे जुड़े केमिकल्स (phthalates, BPA) पसीने में निकल सकते हैं।
• सौना मुख्य detox ऑर्गन्स (लीवर, किडनी) का विकल्प नहीं है, बल्कि सपोर्टिव तरीका है।
• ज्यादा हीट से फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है (बिना आइस पैक के स्पर्म क्वालिटी घट सकती है), इसलिए पुरुषों को टेस्टिकल्स पर आइस पैक लगाना चाहिए।
बड़े कंट्रोल्ड स्टडीज की जरूरत है, लेकिन ये नतीजे मॉडर्न पर्यावरणीय टॉक्सिन्स से लड़ने में सौना थेरेपी की संभावना को मजबूत करते हैं। अगर आप सौना ट्राई करना चाहते हैं तो डॉक्टर से सलाह लें, हाइड्रेटेड रहें और सुरक्षित तरीके से शुरू करें।
क्यूरियोसिटी अच्छी है, लेकिन साइंटिफिक सावधानी भी जरूरी है।
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