दो बीयर रोज पीने से दिमाग दो साल पुराना हो सकता है: अध्ययन

(जीवन दिशा न्यूज) एक बड़े पैमाने पर मस्तिष्क स्कैन अध्ययन से चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं, जिसमें पाया गया है कि रोजाना सिर्फ दो बीयर पीने से आपका दिमाग उम्र के दो साल बढ़ने जितना नुकसान झेल सकता है। यह शोध पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया, जिसमें 36,000 से अधिक वयस्कों के मस्तिष्क स्कैन का विश्लेषण शामिल था। अध्ययन में यह भी पाया गया कि मध्यम मात्रा में शराब का सेवन भी मस्तिष्क की मात्रा में ध्यान देने योग्य कमी ला सकता है। यह शोध हाल ही में नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है, जो यूके बायोबैंक के डेटा पर आधारित है।

शोध के मुख्य निष्कर्ष

अध्ययन में पाया गया कि 50 साल की उम्र के लोग, जो रोजाना एक पिंट बीयर या 6-औंस वाइन का सेवन करते हैं, उनके दिमाग की उम्र उन लोगों की तुलना में दो साल अधिक प्रतीत होती है, जो सिर्फ आधी बीयर ही पीते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह प्रभाव घातांशीय (एक्सपोनेंशियल) है। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. रेमी डेविएट ने बताया कि दिन में हर अतिरिक्त ड्रिंक का प्रभाव पिछले सभी ड्रिंक से भी अधिक गहरा होता है। इसका मतलब है कि रात की आखिरी ड्रिंक को छोड़ देने से मस्तिष्क पर महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

शराब का मस्तिष्क पर प्रभाव

शोध के अनुसार, शराब का सेवन ग्रे मैटर और व्हाइट मैटर की अखंडता को कम करता है, जो मस्तिष्क में न्यूरॉन्स के सिकुड़न और कमजोर कनेक्शनों का कारण बनता है। इससे मस्तिष्क की उम्र वास्तविक उम्र से तेजी से बढ़ती है। यह प्रक्रिया मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालती है, जिससे न्यूरोलॉजिकल कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

मध्यम शराब सेवन भी नुकसानदायक

लंबे समय से यह धारणा रही है कि मध्यम शराब सेवन मस्तिष्क के लिए हानिकारक नहीं होता। लेकिन यह अध्ययन उस धारणा को चुनौती देता है। शोध में पाया गया कि हल्के सेवन से भी मापने योग्य नुकसान होता है, और यह नुकसान हर अतिरिक्त ड्रिंक के साथ घातांशीय रूप से बढ़ता है।

सकारात्मक खबर: कम करना संभव

हालांकि, शोध में एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। शोधकर्ताओं का सुझाव है कि शराब की मात्रा को कम करना, भले ही एक ड्रिंक कम करके, मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। यह छोटा-सा बदलाव लंबे समय में मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

अध्ययन का आधार

यह शोध यूके बायोबैंक के डेटा पर आधारित है, जिसमें 36,000 से अधिक मस्तिष्क स्कैन का विश्लेषण किया गया। अध्ययन का नेतृत्व पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया, और इसका प्रकाशन नेचर कम्युनिकेशंस में हुआ है (PMID: 35246521)। शोधकर्ताओं ने शराब के सेवन और मस्तिष्क संरचना के बीच संबंधों की गहराई से जांच की, जिसके परिणाम चौंकाने वाले हैं।

निष्कर्ष

यह अध्ययन एक स्पष्ट संदेश देता है: शराब का सेवन, चाहे वह कितना भी कम क्यों न हो, मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, अपने मस्तिष्क स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शराब की मात्रा को नियंत्रित करना जरूरी है। डॉ. रेमी डेविएट और उनकी टीम के इस शोध ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि आम लोगों को भी अपने जीवनशैली में बदलाव लाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

Check Also

अनार का जूस: धमनियों को साफ करने वाला चमत्कारी फल? इजरायल के ऐतिहासिक अध्ययन से चौंकाने वाले नतीजे

(जीवन दिशा न्यूज़) : क्या आप जानते हैं कि एक साधारण फल का जूस आपकी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *