किरायेदारों के लिए बड़ी राहत, मकान मालिकों के लिए नई पाबंदियाँ भारत में 1 जुलाई 2025 से लागू हो गए नए किराया कानून ने सब बदल दिया

(जीवन दिशा न्यूज़) भारत में अब मकान मालिक मनमाने ढंग से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे, न ही बिना वजह किरायेदार को घर खाली करवा सकेंगे। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए मॉडल टेनेंसी एक्ट (Model Tenancy Act) के तहत देशभर में 1 जुलाई 2025 से नए किराया नियम लागू हो रहे हैं, जो किरायेदारों और मकान मालिकों दोनों के लिए अनिवार्य होंगे।

मुख्य बदलाव जो आपकी जेब और अधिकारों पर असर डालेंगे:

1.  किराया समझौता अनिवार्य रूप से रजिस्टर्ड करना होगा

  अब मौखिक या सादे कागज पर किया गया एग्रीमेंट मान्य नहीं होगा।

  हर किराया समझौते को ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करना जरूरी।

  रजिस्ट्रेशन न होने पर कोर्ट में कोई भी पक्ष अपना हक साबित नहीं कर पाएगा।

2.  सिक्योरिटी डिपॉजिट पर सख्ती

  आवासीय मकान के लिए अधिकतम 2 महीने का किराया ही सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जा सकेगा।

  कमर्शियल प्रॉपर्टी में भी मनमाने डिपॉजिट पर रोक।

3.  किराया बढ़ाने का नया नियम

  किराया हर साल 5-10% से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता (राज्य सरकार तय करेगी)।

  किराया बढ़ाने से पहले मकान मालिक को लिखित में 3 महीने का नोटिस देना अनिवार्य।

4.  बेदखली अब इतनी आसान नहीं

  बिना ठोस वजह (किराया न देना, संपत्ति को नुकसान पहुँचाना, अवैध उपयोग आदि) मकान मालिक किरायेदार को नहीं निकाल सकेगा।

  बेदखली के लिए अब रेंट अथॉरिटी और रेंट कोर्ट के जरिए ही प्रक्रिया होगी, सीधे पुलिस या गुंडों से नहीं।

5.  रेंट अथॉरिटी और रेंट कोर्ट का गठन

  हर जिले में रेंट अथॉरिटी बनेगी जो 60 दिन में विवाद सुलझाएगी।

  अपील के लिए रेंट कोर्ट होगा।

  किरायेदार और मकान मालिक दोनों को तेज और सस्ता न्याय मिलेगा।

6.  पुराने किरायेदार भी आएंगे नए कानून के दायरे में?
नहीं! 1 जुलाई 2025 से पहले बने किराया समझौते पुराने नियमों से ही चलेंगे। लेकिन अगर आप नया एग्रीमेंट करते हैं या पुराना रिन्यू करते हैं, तो नए नियम लागू हो जाएँगे।

किरायेदारों के लिए अच्छी खबर, मकान मालिकों के लिए चेतावनी

लंबे समय से किरायेदार मनमानी किराया वृद्धि, भारी-भरकम डिपॉजिट और बेवजह बेदखली से परेशान थे। नए कानून से अब उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलेगी। वहीं मकान मालिकों को भी फायदा होगा क्योंकि रजिस्टर्ड एग्रीमेंट से विवाद कम होंगे और किराया वसूली आसान होगी।

तो चाहे आप किराए पर घर ले रहे हों या दे रहे हों – 1 जुलाई 2025 के बाद सब कुछ लिखित और रजिस्टर्ड होना चाहिए।

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