(जीवन दिशा न्यूज़) गुरुग्राम/दुबई: पारंपरिक जिम कल्चर अब तेजी से अपना महत्व खो रहा है। उसकी जगह ले रही नई वेलनेस संस्कृति ज्यादा रोचक और भविष्योन्मुखी है। अगले पांच सालों में वेलनेस इंडस्ट्री को तीन बड़े बदलाव नया आकार दे रहे हैं, जो सभी एक ही दिशा की ओर इशारा कर रहे हैं — सौंदर्य (aesthetics) से हटकर फंक्शन, कनेक्शन और लंबी उम्र (longevity) की ओर।
महिलाओं में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की बढ़ती लहर
पहला बड़ा बदलाव महिलाओं में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की बढ़ती दिलचस्पी है। 2024 में महिला खेलों का बाजार 1.88 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था, जो 2025 में 2.35 बिलियन डॉलर हो जाने का अनुमान है। 2019 से 2024 के बीच महिलाओं में वेटलिफ्टिंग की रुचि 11% से बढ़कर 14% हो गई है।
अब महिलाओं का लक्ष्य सिर्फ पतला दिखना नहीं, बल्कि मजबूत बनना है। इस बदलाव के कारण केवल सौंदर्य पर आधारित वर्कआउट प्रोग्राम पुराने पड़ते जा रहे हैं।
वेलनेस अब सामाजिक होता जा रहा है
दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव वेलनेस को सामाजिक बनाने की दिशा में है। शोध बताते हैं कि मजबूत सामाजिक संबंध लंबी उम्र का बेहतर भविष्यवाणी करते हैं — यहां तक कि धूम्रपान छोड़ने या रोजाना व्यायाम करने से भी ज्यादा।
ग्रुप-बेस्ड मूवमेंट, वेलनेस फेस्टिवल और सामूहिक स्वास्थ्य अनुभव अब नया बड़ा ट्रेंड बनते जा रहे हैं। कनेक्शन अब कोई लाइफस्टाइल पसंद नहीं, बल्कि इंसानी शरीर की जैविक जरूरत है।
लॉन्गेविटी अब इंफ्रास्ट्रक्चर बन रही है
तीसरा बड़ा शिफ्ट लंबी उम्र को इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में देखने का है। 2030 तक दुनिया भर में हर छह में से एक व्यक्ति 60 साल से ज्यादा उम्र का होगा। 2020 से 2050 के बीच उम्र बढ़ने के आर्थिक प्रभाव का आंकड़ा 45 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 118 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने वाला है।
स्वास्थ्य अवधि (healthspan) अब क्लिनिकों से निकलकर घरों, पड़ोस और कार्यस्थलों पर आ रही है।
यूएई में जबरदस्त ग्रोथ
यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में वेलनेस मार्केट सालाना 14.3% की दर से बढ़ रहा है, जबकि कॉर्पोरेट वेलनेस अभी सिर्फ 0.7% पर है। मांग और सप्लाई के बीच का अंतर कभी इतना ज्यादा नहीं रहा।
निष्कर्ष
वेलनेस का अगला दौर सिर्फ अच्छा दिखने के बारे में नहीं है। यह लंबा जीने और साथ-साथ जीने के बारे में है।
पारंपरिक जिम मॉडल अब पुराना पड़ चुका है। नई पीढ़ी फंक्शनल फिटनेस, सामाजिक जुड़ाव और लंबी स्वस्थ उम्र चाहती है। जो कंपनियां और ट्रेनर्स इस बदलाव को समझ लेंगे, वही आने वाले समय में आगे रहेंगे।
यह रिपोर्ट उपलब्ध आंकड़ों और इंडस्ट्री ट्रेंड्स पर आधारित है।
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