(जीवन दिशा न्यूज़): अगर आपके घुटनों में दर्द है और आप थोड़ा वजन कम करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। एक अध्ययन के अनुसार, हर एक पाउंड (लगभग 450 ग्राम) वजन कम करने पर घुटनों पर पड़ने वाला दबाव रोजमर्रा की चाल-फिर में चार गुना कम हो जाता है।
ADAP ट्रायल में 316 मोटापे से ग्रस्त वयस्कों (जिन्हें घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस था) पर शोध किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि वजन घटाने से घुटनों की लोड काफी हद तक कम होती है। बाद के अध्ययनों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शरीर के वजन का सिर्फ 5-10% वजन कम करने से घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस की प्रगति को 50% तक कम किया जा सकता है।
इससे न सिर्फ घुटनों में दर्द काफी घटता है, बल्कि घुटनों की कार्यक्षमता बढ़ती है और आगे चलकर घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी की जरूरत भी बहुत कम हो जाती है।
क्यों पड़ता है इतना दबाव?
हमारे घुटने एक हिंग की तरह काम करते हैं। हर कदम के समय घुटनों पर शरीर के वजन का 2-3 गुना बल लगता है। शुरू करना, रुकना या गति बदलना घुटनों पर अतिरिक्त तनाव डालता है। यही कारण है कि मोटापा घुटनों के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है।
सरल गणित समझिए:
• अगर आप 5 किलो वजन कम करते हैं, तो हर कदम पर घुटनों पर पड़ने वाला दबाव लगभग 20 किलो कम हो जाता है!
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए भारी वजन घटाने की जरूरत नहीं है। मध्यम वजन घटाना (5-10%) ही काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
PMID: 15986358, 29911741
यह जानकारी घुटने के दर्द, वजन प्रबंधन, गतिशीलता, मोटापा, जोड़ों की समस्याओं और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर से जुड़े सभी लोगों के लिए बहुत उपयोगी है।
सलाह: अगर आपको घुटनों में दर्द है या आपका वजन ज्यादा है, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेकर धीरे-धीरे वजन कम करने की शुरुआत करें। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और सही लाइफस्टाइल घुटनों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती है।
अपने घुटनों की देखभाल करें – क्योंकि वे आपको जीवन भर चलाते रहते हैं! 🦵
(स्रोत: ADAP Trial और संबंधित शोध अध्ययन)
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