(जीवन दिशा न्यूज़) नई रिसर्च बताती है कि विटामिन D3 हमारे शरीर में सिर्फ एक साधारण विटामिन नहीं रहता। यह शरीर में बदलकर एक स्टेरॉयड हॉर्मोन जैसा कंपाउंड बन जाता है, जो 1,000 से भी ज्यादा जीन की एक्टिविटी को प्रभावित कर सकता है। यह हड्डियों, इम्यूनिटी, मूड और अब ब्रेन हेल्थ पर भी गहरा असर डालता है।
हाल की स्टडीज में पाया गया है कि ब्रेन में विटामिन D के ज्यादा लेवल बेहतर कॉग्निटिव फंक्शन (याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता) से जुड़े हैं। उदाहरण के लिए, Tufts University की 2022-2023 की रिसर्च (Shea et al., Alzheimer’s & Dementia जर्नल) में देखा गया कि ब्रेन टिश्यू में ज्यादा विटामिन D वाले लोगों में डिमेंशिया या माइल्ड कॉग्निटिव इंपेयरमेंट का खतरा 25-33% तक कम था। इससे पहले मौत से पहले की कॉग्निटिव फंक्शन बेहतर पाई गई। यह रिसर्च ब्रेन में विटामिन D की मौजूदगी और उसके फायदों को पहली बार इतने डिटेल में दिखाती है।
वहीं, टेस्टोस्टेरोन पर इसका असर मिक्स्ड है। कुछ स्टडीज में विटामिन D की कमी और कम टेस्टोस्टेरोन के बीच कनेक्शन दिखा, लेकिन हेल्दी लोगों में सप्लीमेंटेशन से कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। डेफिशिएंसी होने पर फायदा हो सकता है, लेकिन नॉर्मल लेवल वाले लोगों में रिजल्ट्स मिले-जुले हैं।
हमारा शरीर सूरज की रोशनी से विटामिन D3 बना सकता है, लेकिन आजकल ज्यादातर लोग घर के अंदर रहते हैं, इसलिए कमी आम है। डॉक्टर्स अक्सर 30-50 ng/mL के बीच लेवल को टारगेट करते हैं (यह गाइडलाइंस के हिसाब से थोड़ा बदल सकता है)।
मुख्य बातें:
• शरीर में हॉर्मोन की तरह काम करता है।
• ब्रेन में ज्यादा लेवल से बेहतर याददाश्त और सोचने की शक्ति।
• हड्डियां मजबूत, इम्यूनिटी बढ़ाता है, मूड सुधारता है।
• नियमित धूप लें या कमी होने पर सप्लीमेंट लें।
• फैट वाली चीजों के साथ लें, क्योंकि इससे अब्सॉर्प्शन बेहतर होता है।
• लेवल चेक करवाएं – ब्लड टेस्ट से पता चलेगा।
विटामिन D3 को नजरअंदाज न करें – यह सिर्फ हड्डियों का नहीं, बल्कि ब्रेन और ओवरऑल हेल्थ का भी साथी है! अगर कमी है, तो डॉक्टर से सलाह लें और जरूरी कदम उठाएं। स्वस्थ रहें! ☀️🧠
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