(जीवन दिशा) नई दिल्ली, : श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर मियावाली नगर, नई दिल्ली में 10 अप्रैल से 14 अप्रैल 2025 तक भव्य धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर पवं समिति मियावाली नगर द्वारा श्री हनुमान कथा और शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भक्तों से सपरिवार शामिल होने का आह्वान किया गया है।
शोभायात्रा का शुभारंभ- श्री हनुमान जन्मोत्सव की शुरुआत 10 अप्रैल 2025 को सुबह 8:00 बजे शोभायात्रा के साथ होगी। यह शोभायात्रा श्री सनातन धर्म मंदिर, मियावाली नगर से प्रारंभ होकर क्षेत्र के भीतर निकाली जाएगी। आयोजकों ने बताया कि इस शोभायात्रा में सियाराम जी के दुलारे हनुमान जी की भव्य झांकी सजाई जाएगी, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त होगा। भक्तों से अपील की गई है कि वे अपनी उपस्थिति से इस पवित्र आयोजन की शोभा बढ़ाएं।
श्री हनुमान कथा का आयोजन- शोभायात्रा के बाद 10 अप्रैल से 14 अप्रैल 2025 तक प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे से 7:00 बजे तक श्री हनुमान कथा का आयोजन किया जाएगा। इस कथा का संचालन परम पूज्य अवधेश भाई जी महाराज (श्री गलालक धाम वदवान) और परम श्रद्धेय अवनिश भाई जी महाराज द्वारा किया जाएगा। इन दोनों संतों की वाणी से भक्तों को मोह और अज्ञान से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। कथा के दौरान भंडारा और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था रहेगी।
आयोजन की विशेषताएं- दिनांक: 10 अप्रैल से 14 अप्रैल 2025, शोभायात्रा: 10 अप्रैल, सुबह 8:00 बजे से प्रारंभ, कथा समय: सुबह 4:00 बजे से 7:00 बजे तक (प्रतिदिन), स्थल: श्री सनातन धर्म मंदिर, मियावाली नगर, नई दिल्ली-87,संपर्क: नरेश कुमार ऐरन, मोबाइल:93122-12318
सहयोग और समर्थन- इस आयोजन में विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, और श्री अग्रसेन इंटरनेशनल हॉस्पिटल के सदस्यों का सक्रिय सहयोग रहेगा। आयोजक पवं समिति मियावाली नगर ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे इस पवित्र अवसर पर एकजुट होकर हनुमान जी के भक्ति भाव को बढ़ाएं।
आध्यात्मिक संदेश- आयोजन के पोस्टर में श्री हनुमान चालीसा के श्लोक “बंदउँ प्रथम महीसुर चरना। मोह जनित संसय सब हरना॥” के साथ भक्तों को प्रेरणा दी गई है कि वे संत समाज के आशीर्वाद से अपने जीवन को पुण्यमय बनाएं। जय श्री राम और जय जय श्री राम के उद्घोष के साथ भक्तों को हनुमान जी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का आमंत्रण दिया गया है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि भक्ति और समर्पण का प्रतीक भी है। भक्तों से आग्रह है कि वे समय पर पहुंचकर इस पवित्र अनुष्ठान का हिस्सा बनें।

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