(जीवन दिशा न्यूज़) – अगर आप भी रोजाना बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, नूडल्स, बिस्किट और पैकेज्ड जूस जैसी चीजें खा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। हालिया वैज्ञानिक शोधों ने साबित कर दिया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) न सिर्फ मोटापा और डायबिटीज बढ़ाते हैं, बल्कि पुरुषों की प्रजनन क्षमता (fertility) को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्पर्म काउंट में भारी गिरावट, स्पर्म की गतिशीलता (motility) में 8% तक कमी और टेस्टोस्टेरोन लेवल में कमी – ये सब अब साइंस द्वारा कन्फर्म हो चुका है।
शोध में क्या निकला चौंकाने वाला?
एक बड़े अध्ययन (PMID: 38283622) में 18 से 40 साल के युवा पुरुषों पर रिसर्च की गई। जिन लोगों ने अपनी रोजाना की कैलोरी का 25-30% हिस्सा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से लिया, उनके स्पर्म कंसंट्रेशन में औसतन 14.2 लाख प्रति मिलीलीटर की कमी देखी गई। साथ ही टोटल स्पर्म मोबिलिटी में 8% तक की गिरावट दर्ज की गई।
एक और अध्ययन में पाया गया कि हर 10% अतिरिक्त कैलोरी जो अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से आती है, उससे स्पर्म काउंट में करीब 15 लाख की कमी हो जाती है।
सबसे गंभीर बात – एक हालिया क्लिनिकल ट्रायल में यह भी साबित हुआ कि ज्यादा UPF खाने से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन और फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन (FSH) का लेवल भी घट जाता है – ये दोनों हार्मोन्स स्वस्थ स्पर्म प्रोडक्शन के लिए बेहद जरूरी हैं।
आखिर जंक फूड स्पर्म को क्यों मार रहा है?
वैज्ञानिकों के अनुसार इसके कई कारण हैं:
• अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में ट्रांस फैट, रिफाइंड शुगर, हाई सोडियम और हजारों केमिकल एडिटिव्स होते हैं।
• पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक केमिकल (जैसे BPA, phthalates) शरीर में घुसकर हार्मोन्स को डिस्टर्ब करते हैं।
• इन फूड्स में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, जिंक, सेलेनियम जैसे जरूरी पोषक तत्व लगभग न के बराबर होते हैं, जो स्पर्म हेल्थ के लिए जरूरी हैं।
• ये फूड्स शरीर में सूजन (inflammation) और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं, जो स्पर्म की क्वालिटी को सीधे नुकसान पहुंचाता है।
आज की युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा खतरे में
आजकल 20-35 साल के ज्यादातर लड़के-युवा बाहर का खाना, डिलीवरी फूड और पैकेज्ड स्नैक्स पर निर्भर हैं। नतीजा – भारत में भी पिछले 30-40 सालों में स्पर्म काउंट में 50-60% तक की गिरावट देखी जा चुकी है। अब यह नया शोध बता रहा है कि इसका एक बहुत बड़ा कारण हमारा बदलता फूड पैटर्न है।
क्या करें? तुरंत बदलाव की जरूरत-
वैज्ञानिकों की सलाह साफ है:
• रोजाना की डाइट में 80% से ज्यादा हिस्सा ताजा, घर का बना, मिनिमली प्रोसेस्ड खाना होना चाहिए।
• हरी सब्जियां, फल, ड्रेन, अंडे, मछली, नट्स, दालें, दही जैसे फूड्स को प्राथमिकता दें।
• पैकेज्ड जूस की बजाय नारियल पानी या नींबू पानी पिएं।
• बाहर का खाना हफ्ते में 1-2 बार से ज्यादा न लें।
• ट्रांस फैट और हाई-फ्रक्टोज कॉर्न सिरप वाले प्रोडक्ट्स से पूरी तरह दूरी बनाएं।
अंत में…
अगर आप आने वाले 5-10 साल में पिता बनने का सपना देख रहे हैं, तो आज से ही अपनी प्लेट बदल दें। क्योंकि आप जो आज खा रहे हैं, वही कल आपके बच्चे की संभावना तय कर रहा है।
संदर्भ अध्ययन: • PMID: 38283622• PMID: 40882621,• PMID: 39683523
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