सीबीआई का सख्त एक्शन: अपनी ही इंस्पेक्टर दीपक फलस्वाल को 2 करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया

‘जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन’ नीति को साबित करते हुए CBI ने अपने अधिकारी पर कार्रवाई

(जीवन दिशा न्यूज़) केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी नीति किसी के लिए भी कोई छूट नहीं देती—चाहे आरोपी उसका अपना अधिकारी ही क्यों न हो। CBI ने अपनी ही एक इंस्पेक्टर दीपक फलस्वाल (Deepak Phalswal/Deepak Fhalswal) को रिश्वतखोरी के गंभीर मामले में गिरफ्तार कर लिया है।

यह कार्रवाई 10 मार्च 2026 को हुई। CBI की ओर से 11 मार्च को जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि इंस्पेक्टर दीपक फलस्वाल दिल्ली में तैनात थे। उन्होंने एक निजी व्यक्ति से रिश्वत मांगी थी ताकि उसके खिलाफ CBI में दर्ज शिकायत पर कोई कार्रवाई न की जाए।

पूरा मामला क्या है? (विस्तार से)

दक्षिण दिल्ली के रहने वाले शुभम मिश्रा नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि दीपक फलस्वाल ने खुद को CBI इंस्पेक्टर बताते हुए उनसे संपर्क किया। फलस्वाल ने दावा किया कि शुभम मिश्रा के खिलाफ CBI में एक केस दर्ज हो चुका है। इसे “सेटल” कराने के बदले उन्होंने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की।

जब शुभम मिश्रा ने मना कर दिया तो फलस्वाल ने पहले 50,000 रुपये ले लिए और फिर बाकी रकम 75,000 रुपये प्रति महीना की किस्तों में देने को कहा। फलस्वाल ने शुभम को बार-बार FaceTime कॉल्स करके धमकाया और चेतावनी दी कि सीधे उनके नंबर पर संपर्क न करें।

शुभम मिश्रा ने इसकी शिकायत मैदान गढ़ी पुलिस स्टेशन (दक्षिण दिल्ली) में 9 मार्च 2026 को की। पुलिस ने एक लॉ स्टूडेंट राजा को पकड़ा, जो फलस्वाल के कहने पर पैसे लेने आया था। राजा ने पूछताछ में बताया कि वह फलस्वाल के लिए काम कर रहा था।

रात में दीपक फलस्वाल खुद एक फार्महाउस पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें और उनके दोस्त सनी को हिरासत में लिया। शुरू में फलस्वाल ने दावा किया कि वे सिर्फ अपने दोस्त सनी का लोन वसूलने में मदद कर रहे थे, लेकिन जब ऑडियो क्लिप्स और सबूत दिखाए गए तो उनका बयान बदल गया।

दक्षिण जिला पुलिस (DCP साउथ) ने फलस्वाल की पहचान CBI से कराई, जो सही निकली। इसके बाद पूरी शिकायत और सबूत (पेन ड्राइव में रिकॉर्डेड बातचीत सहित) CBI को भेज दिए गए। CBI ने 10 मार्च को तुरंत केस दर्ज किया और फलस्वाल को गिरफ्तार कर लिया।

CBI की कार्रवाई

  आरोपी इंस्पेक्टर के आवास पर छापेमारी की गई।

  कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (मोबाइल, लैपटॉप आदि) जब्त किए गए।

  फलस्वाल को 11 मार्च को विशेष CBI कोर्ट में पेश किया गया।

  कोर्ट ने CBI को दो दिन की पुलिस रिमांड दे दी है, ताकि आगे पूछताछ और जब्त सामग्री की जांच की जा सके।

  जांच अभी भी जारी है। CBI सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में और लोगों के शामिल होने की आशंका है।

CBI का संदेश

CBI ने साफ कहा है — “जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन” नीति को लागू करते हुए और अपनी मूल मूल्यों (ईमानदारी, निष्पक्षता और मेहनत) को बनाए रखते हुए यह कार्रवाई की गई है।

यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि CBI ने अपनी ही टीम के सदस्य पर सख्त एक्शन लिया है। एजेंसी का कहना है कि भ्रष्टाचार की कोई भी शिकायत सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी, चाहे आरोपी कोई भी हो।

पुलिस और CBI सूत्रों के हवाले से पता चला है कि शुभम मिश्रा ने पूरे मामले के सबूत (ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग्स) भी जमा किए हैं, जिनकी जांच चल रही है।

Check Also

FSSAI ने SAJ Food Products को जारी किया नोटिस, ‘Eat Fit Digestive Biscuits’ पर लगे गुमराह करने वाले दावों का मामला

नई दिल्ली: खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने SAJ Food Products को एक उपभोक्ता …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *