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युवाओं में बढ़ती हाई बीपी की चिंताजनक लहर: अब बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही यह समस्या

(न्यूज डेस्क)। आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़, तनाव भरी जॉब, जंक फूड का बढ़ता सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) को युवाओं की आम समस्या बना दिया है। पहले इसे सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 20 से 40 साल के युवाओं में भी इसका खतरा तेजी से बढ़ रहा है। हेल्थ पोर्टल जीवन दिशा ने इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण लेख साझा करते हुए चेतावनी दी है कि समय रहते ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना हार्ट, ब्रेन और किडनी को बचाने के लिए बेहद जरूरी है।

युवाओं में हाई बीपी क्यों बढ़ रहा है?

डॉक्टर्स के अनुसार, कई फैक्टर्स इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं:

  खराब खान-पान: फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक और तेल वाली चीजों का सेवन।

  तनाव और अनियमित नींद: हाई प्रेशर वाली जॉब, स्क्रीन टाइम बढ़ना और रात देर तक जागना।

  शारीरिक निष्क्रियता: जिम जाना या व्यायाम की बजाय डेस्क जॉब और घर बैठे काम।

  मोटापा और अन्य बीमारियां: बढ़ता वजन, डायबिटीज और थायरॉइड जैसी समस्याएं भी रिस्क बढ़ाती हैं।

AIIMS समेत देश के प्रमुख अस्पतालों के डॉक्टर्स बार-बार चेताते हैं कि अनियंत्रित हाई बीपी साइलेंट किलर है। यह बिना किसी लक्षण के अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता रहता है।

खतरे के संकेत क्या हैं?

युवाओं में अक्सर ये लक्षण नजर आते हैं (हालांकि कई बार कोई लक्षण भी नहीं दिखता):   सिरदर्द, चक्कर आना,   थकान और सांस फूलना,   छाती में दर्द या धड़कन तेज होना,   आंखों में धुंधलापन,   नाक से खून आना (गंभीर मामलों में)

AIIMS डॉक्टर्स की सलाह: BP कंट्रोल के आसान उपाय

1.  नमक कम करें: रोजाना नमक का सेवन 5 ग्राम से कम रखें। प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह परहेज करें।

2.  नियमित व्यायाम: रोज कम से कम 30-45 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग, जॉगिंग, स्विमिंग या योग करें।

3.  स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां, होल ग्रेन, दालें और कम फैट वाला दूध लें। पोटैशियम युक्त फूड (केला, पालक) ज्यादा खाएं।

4.  तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन, प्राणायाम या हॉबी के जरिए स्ट्रेस कम करें। रात को 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।

5.  वजन नियंत्रण: अगर वजन ज्यादा है तो धीरे-धीरे कम करें। BMI 23 से ऊपर न जाने दें।

6.  नियमित जांच: 18 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर चेक करवाना चाहिए।

विशेषज्ञों की चेतावनी

इस लेख में साफ कहा गया है कि हाई बीपी को इग्नोर करने से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की रोशनी कम होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। युवा पीढ़ी को अब से ही अपनी लाइफस्टाइल बदलनी होगी, वरना आने वाले सालों में हार्ट संबंधी बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं।

डॉक्टर्स का मैसेज: “दवाई से ज्यादा जरूरी है जीवनशैली में बदलाव।” अगर आपकी उम्र 30 के आसपास है और परिवार में हाई बीपी या हार्ट की हिस्ट्री है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा खजाना है। आज से ही छोटे-छोटे बदलाव शुरू करें – सुबह घूमने जाएं, जंक फूड छोड़ें, तनाव कम करें। आपकी एक जिम्मेदारी न सिर्फ खुद को, बल्कि पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकती है।

स्रोत: विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय पर आधारित।

अपनी सेहत का ख्याल रखें और नियमित चेकअप करवाते रहें! 💚

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