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भीषण गर्मी हृदय के लिए घातक साबित हो सकती है।कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजीव सक्सेना ने दी अलर्ट, जानें बचाव के उपाय

(जीवन दिशा न्यूज़): देशभर में चल रही भीषण गर्मी और लू का कहर अब स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरे की ओर इशारा कर रहा है। जहां आम लोग गर्मी से थकान और डिहाइड्रेशन महसूस कर रहे हैं, वहीं विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह मौसम हृदय रोगियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजीव सक्सेना ने चेतावनी देते हुए कहा, “भीषण गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए हृदय को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे ब्लड गाढ़ा हो जाता है। इससे ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होता है, हार्ट रेट बढ़ता है और हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।”

डॉ. सक्सेना के अनुसार, दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में दिन का तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंचने के साथ हृदय संबंधी इमरजेंसी केसों में 30-40% की वृद्धि देखी जा रही है। बुजुर्ग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज वाले मरीज तथा छोटे बच्चे सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।

गर्मी क्यों बन रही है हृदय के लिए दुश्मन?

  डिहाइड्रेशन का असर: गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम) कम हो जाते हैं, जिससे हृदय की धड़कन प्रभावित होती है।

  ब्लड विस्कोसिटी बढ़ना: खून गाढ़ा होने से धमनियों में रुकावट का खतरा बढ़ जाता है।

  तनाव पर प्रतिक्रिया: गर्मी में शरीर थर्मोरगुलेशन के लिए हार्ट को ज्यादा काम करना पड़ता है, जो पहले से कमजोर हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है।

हृदय को बचाने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

1.  हाइड्रेशन सबसे महत्वपूर्ण: दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। सादा पानी के अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, ORS या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स लें। चाय-कॉफी और शराब से बचें क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं।

2.  खान-पान में सावधानी: हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन करें। फल (खरबूजा, तरबूज, संतरा), सब्जियां और दही का ज्यादा इस्तेमाल करें। तला-भुना, मसालेदार और बाहर का खाना पूरी तरह अवॉइड करें।

3.  समय का ध्यान रखें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी, सनग्लास और हल्के सूती कपड़े पहनें।

4.  व्यायाम सीमित रखें: सुबह 7 बजे तक या शाम 7 बजे के बाद हल्की वॉक करें। जिम, दौड़ या भारी व्यायाम गर्मी में टाल दें।

5.  लक्षणों को नजरअंदाज न करें:

  सीने में दर्द या भारीपन

  सांस फूलना

  चक्कर आना या बेहोशी

  अत्यधिक थकान

  अनियमित हार्टबीट
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें।

विशेष सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मी के मौसम में दवाइयां समय पर लें। ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाएं डॉक्टर की सलाह से समायोजित करवाएं। अगर आप पहले से हृदय रोगी हैं तो नियमित चेकअप जरूर करवाएं।

डॉ. संजीव सक्सेना का अंतिम संदेश: “गर्मी कोई मौसम नहीं, बल्कि चुनौती है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम बड़े खतरे से बच सकते हैं। खुद को हाइड्रेट रखें, स्वस्थ रहें और परिवार का भी ध्यान रखें।”

देश में गर्मी का यह प्रकोप और भी तेज होने वाला है। इसलिए हर नागरिक को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्मी से बचाव न सिर्फ हृदय बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखेगा।

अपनी सेहत है सबसे बड़ी संपत्ति। गर्मी के इस मौसम में सतर्क रहें, स्वस्थ रहें।

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