(जीवन दिशा न्यूज़)– क्या आप भी रोज़ सोचते हैं – “शायद मैं ज्यादा खा रही/रहा हूँ”? फिर ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं, लंच में बस थोड़ा-सा खाते हैं और पूरा दिन सिर्फ़ चाय-कॉफ़ी पर गुज़ार देते हैं? लाखों युवा लड़कियाँ और महिलाएँ यही “Less is More” का खेल खेल रही हैं। लेकिन एक नया वैज्ञानिक अध्ययन चेतावनी दे रहा है – यह खेल अब बहुत महँगा पड़ सकता है!
हाल ही में प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि युवा महिलाएँ अगर लगातार 3 मासिक चक्रों (cycles) तक 8 से 42% एनर्जी डेफिसिट (यानी रोज़ाना 820 किलो कैलोरी से ज़्यादा की कमी) रखती हैं, तो उनके ल्यूटियल फेज (Luteal Phase) में गंभीर दोष (defects) विकसित हो सकते हैं।
ल्यूटियल फेज डिफेक्ट क्या है?
यह तब होता है जब:
• ल्यूटियल फेज 10 दिनों से भी कम हो जाए, या
• शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बहुत कम बनने लगे।
इसका नुकसान क्या है?
कम प्रोजेस्टेरोन के कारण:
• गर्भधारण के लिए गर्भाशय (uterus) ठीक से तैयार नहीं हो पाता
• मिसकैरेज (गर्भपात) का खतरा बढ़ जाता है
• स्वस्थ गर्भावस्था की संभावना घट जाती है
इसके अलावा, महिलाओं में मानसिक और शारीरिक थकान भी बहुत बढ़ जाती है क्योंकि नींद का चक्र बिगड़ता है, मूड स्विंग्स होते हैं, और एनर्जी मेटाबॉलिज़्म प्रभावित होता है।
डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की सलाह
“हम किसी को घबराने के लिए नहीं बता रहे हैं। लेकिन अत्यधिक डाइटिंग और क्रैश डाइट का असली नुकसान अब सामने आ रहा है,” अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञों ने कहा।
संदेश साफ़ है:
✅ संतुलन बनाए रखें
✅ कैलोरी इनटेक को मॉनिटर करें, लेकिन अत्यधिक प्रतिबंध न करें
✅ सस्टेनेबल फैट लॉस पर ध्यान दें, न कि तेज़ी से वजन घटाने पर
निष्कर्ष: वजन घटाना अच्छी बात है, लेकिन अपने शरीर के हार्मोन को बर्बाद करके नहीं। स्मार्ट डाइटिंग करो, बैलेंस रखो – ताकि सेहत भी बनी रहे और फिटनेस का लक्ष्य भी पूरा हो
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