(जीवन दिशा न्यूज़) यह कोई सिर्फ प्रेरणादायक बात नहीं है, बल्कि विज्ञान की सच्चाई है। इसे न्यूरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity) कहते हैं, जो हमारे तंत्रिका तंत्र की सबसे अद्भुत विशेषताओं में से एक है।
क्या होता है जब आप कुछ नया सीखते हैं?
जब आप कोई नई स्किल सीखना शुरू करते हैं, तो आपका दिमाग बहुत मेहनत करता है। शुरुआत में यह प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स जैसे सामान्य “कंट्रोल सेंटर” क्षेत्रों पर ज्यादा निर्भर रहता है, ताकि फोकस बना रहे और काम को समन्वयित किया जा सके।
लेकिन जैसे-जैसे आप प्रैक्टिस करते जाते हैं, कुछ कमाल होता है! आपका दिमाग खुद को पुनर्गठित (reorganize) कर लेता है। गतिविधि उस खास स्किल के लिए बने विशेष क्षेत्रों की ओर शिफ्ट हो जाती है। नतीजा? ज्यादा कुशल प्रोसेसिंग और कम मेहनत में बेहतर परफॉर्मेंस। 🔄
मजबूत सबूत क्या कहते हैं?
एक व्यवस्थित समीक्षा (systematic review) में 71 अलग-अलग अध्ययनों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि 87% मामलों में नई सीखने वाली गतिविधियों में शामिल लोगों के दिमाग में मापने योग्य न्यूरल बदलाव देखे गए।
ये बदलाव किसी एक तरह की स्किल तक सीमित नहीं थे। ये गणित की ट्रेनिंग, पढ़ने के प्रोग्राम, मोटर स्किल्स (जैसे कोई इंस्ट्रूमेंट बजाना), और यहां तक कि मेडिटेशन जैसी प्रैक्टिस में भी दिखे। 📚🧘
यह अध्ययन मुख्य रूप से बच्चों और किशोरों पर फोकस करता है (Tymofiyeva et al., Frontiers in Human Neuroscience, 2021), लेकिन न्यूरोप्लास्टिसिटी जीवन भर काम करती है!
मुख्य संदेश क्या है?
नए-नए काम करके अपने दिमाग को चुनौती दें। इससे संज्ञानात्मक स्वास्थ्य (cognitive health) बेहतर होता है और दिमाग ज्यादा कुशल बनता है। चाहे कोई नया वाद्य यंत्र सीखना हो, नई भाषा सीखना हो, या कोई नया शौक अपनाना हो – सीखने की प्रक्रिया खुद आपके न्यूरल पाथवे को नया रूप दे सकती है। 🎯
यह कोई जादुई इलाज नहीं है, और परिणाम हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन यह दिखाता है कि हमारा दिमाग जीवन भर कितना अनुकूलनीय (adaptable) रहता है। इसलिए जिज्ञासु बने रहिए! ✨
स्रोत: Tymofiyeva et al., Frontiers in Human Neuroscience (2021), PMID: 33536885
तो आज से ही कुछ नया सीखना शुरू करें – आपका दिमाग आपको धन्यवाद देगा।
Jeevan Disha News
Demo Description
Demo Description
Demo Description