(जीवन दिशा न्यूज़)– आम धारणा है कि दांतों की सड़न (टूथ डिके या कैविटी) केवल ज्यादा मीठा खाने से होती है, लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि यह पूरी कहानी नहीं है। दांतों की सड़न का मुख्य कारण एसिड है, जो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया द्वारा बनाया जाता है।
जब हम फर्मेंटेबल कार्बोहाइड्रेट्स (चीनी, स्टार्च युक्त भोजन जैसे ब्रेड, बिस्किट, फल, सोडा आदि) खाते हैं, तो मुंह के बैक्टीरिया (जैसे स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स) इनका मेटाबॉलिज्म करते हैं और एसिड (मुख्य रूप से लैक्टिक एसिड) पैदा करते हैं। यह एसिड मुंह के pH को 5.5 से नीचे गिरा देता है – इसे क्रिटिकल थ्रेशोल्ड कहा जाता है। इस स्तर पर दांतों की बाहरी परत इनेमल डिमिनरलाइजेशन (खनिजों का घुलना) शुरू हो जाती है, जिससे दांत कमजोर पड़ते हैं और सड़न की शुरुआत हो जाती है।
लेकिन शरीर के पास एक प्राकृतिक रक्षा तंत्र है – लार (सलाह)! लार एसिड को बफर करती है, pH को सामान्य स्तर पर लाती है और दांतों को कैल्शियम व फॉस्फेट सप्लाई करके रेमिनरलाइजेशन (खनिजों की वापसी) में मदद करती है। यानी दांत दिनभर डिमिनरलाइजेशन और रेमिनरलाइजेशन के बीच झूलते रहते हैं।
समस्या तब बढ़ जाती है जब हम बार-बार स्नैकिंग करते हैं या चाय-कॉफी, सोडा जैसे पेय बार-बार सिप करते हैं। इससे एसिड अटैक लगातार होते रहते हैं, लार को रिकवर होने का समय नहीं मिलता और डिमिनरलाइजेशन का समय ज्यादा हो जाता है। कई शोध बताते हैं कि भोजन की आवृत्ति और चीनी युक्त पेय का ज्यादा संपर्क दांतों की सड़न का सबसे बड़ा जोखिम कारक है – भले ही ब्रशिंग अच्छी हो।
दंत विशेषज्ञों की सलाह:
• भोजन के बीच सिर्फ पानी पिएं, मीठे पेय या स्नैक्स से बचें।
• संरचित खाने की आदतें अपनाएं – दिन में 3 मुख्य भोजन और बीच में स्नैकिंग कम करें।
• ब्रशिंग और फ्लॉसिंग जरूरी हैं, लेकिन टाइमिंग ज्यादा मायने रखती है। खाने के तुरंत बाद ब्रश न करें (एसिड से इनेमल नरम होता है), बल्कि 30-60 मिनट इंतजार करें।
• दांतों को रिकवरी विंडो दें – यानी बार-बार एसिड अटैक से बचें।
दांतों का इनेमल आपकी मुस्कान का आधार है – इसे बार-बार एसिड से बचाकर आप कैविटी से दूर रह सकते हैं। अगर आप रोजाना मीठे स्नैक्स या ड्रिंक्स लेते हैं, तो अब समय है आदतें बदलने का!
(स्रोत: NIDCR, CDC, ADA और विभिन्न दंत चिकित्सा शोध)
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