(जीवन दिशा न्यूज़)– प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत रियल एस्टेट क्षेत्र में एक बड़ी ठगी के मामले में Earth Infrasuctures Ltd. और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
10 अप्रैल 2026 को ED की टीम ने गुरुग्राम और दिल्ली के कुल 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान एजेंसी को लगभग 6.3 करोड़ रुपये नकद, 7.5 करोड़ रुपये के मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की बुलियन और महंगी लग्जरी घड़ियां बरामद हुई हैं। कुल बरामदगी की कीमत लगभग 13.8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
जांच एजेंसी के अनुसार, Earth Group ने दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ समेत विभिन्न शहरों में कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए थे। इन प्रोजेक्ट्स के नाम पर कंपनी ने 19,425 से अधिक होमबायर्स और निवेशकों से करीब 2,024.45 करोड़ रुपये जुटाए।
हालांकि, कंपनी ने समय पर न तो फ्लैटों का कब्जा दिया और न ही कमर्शियल यूनिट्स सौंपे। खरीदारों को बार-बार टाल-मटोल का जवाब दिया जाता था। कई खरीदारों ने वर्षों से इंतजार किया, लेकिन उनका सपनों का घर अधूरा ही रह गया।
पैसे का डायवर्शन कैसे हुआ?
ED की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि निवेशकों और होमबायर्स से जुटाई गई रकम को कंपनी ने प्रोजेक्ट्स में लगाने की बजाय अन्य कामों में डायवर्ट कर दिया। आरोपों के अनुसार यह राशि निम्नलिखित तरीकों से इस्तेमाल की गई:
• विभिन्न जगहों पर जमीन खरीदने में
• शेल कंपनियों के जरिए फंड रूटिंग (पैसे को घुमाकर छिपाना)
• निजी सौदों और व्यक्तिगत लाभ में
• कंपनी के प्रमोटर्स और परिवार के सदस्यों को भुगतान में
इस पूरे प्रक्रिया में मनी लॉन्ड्रिंग के साफ संकेत मिले हैं, जिसके चलते ED ने PMLA के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
प्रमुख आरोपी
इस मामले में जांच के दायरे में मुख्य रूप से शामिल नाम हैं:
• अवधेश कुमार गोयल
• रजनीश मित्तल
• अतुल गुप्ता
• विकास गुप्ता
ED इन सभी लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। इनके अलावा Earth Group से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
होमबायर्स की परेशानी
इस घोटाले से सबसे ज्यादा नुकसान उन हजारों मध्यम वर्गीय परिवारों को हुआ है जिन्होंने अपनी सालों की मेहनत की कमाई Earth Group के प्रोजेक्ट्स में लगाई थी। कई लोगों ने बैंक लोन लेकर या अपनी सारी बचत लगाकर फ्लैट बुक किए थे। अब न फ्लैट मिला है और न ही पैसे वापस हो रहे हैं।
ED की इस कार्रवाई से प्रभावित खरीदारों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी रकम वापसी की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
आगे की जांच
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि इस मामले की जांच अभी जारी है। बरामद दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और बैंकों से प्राप्त वित्तीय रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है। अगर जरूरी हुआ तो और छापेमारियां भी की जा सकती हैं।
ED के अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को उजागर करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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