
(जीवन दिशा न्यूज़) कई सालों तक अंडों को दिल की बीमारियों का बड़ा खतरा माना जाता था। लोग सोचते थे कि अंडे में मौजूद कोलेस्ट्रॉल खून में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देता है। लेकिन अब आधुनिक मेटाबॉलिक और कार्डियोवैस्कुलर रिसर्च ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।
आज की साइंस बताती है कि स्वस्थ लोगों में पूरे अंडे (जर्दी सहित) खाने से कार्डियोवैस्कुलर रिस्क नहीं बढ़ता। बल्कि ज्यादातर लोगों के लिए अंडे सिर्फ प्रोटीन का अच्छा स्रोत नहीं, बल्कि एक सुपरफूड हैं जो शरीर को कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व देते हैं।
अंडे क्यों हैं सबसे बेहतरीन प्रोटीन?
अंडे में दुनिया का सबसे ज्यादा बायोलॉजिकल वैल्यू वाला प्रोटीन पाया जाता है। इसका मतलब है कि शरीर इसे मीट या मछली से मिलने वाले प्रोटीन से कहीं ज्यादा बेहतर तरीके से सोखता और इस्तेमाल करता है। अंडे की जर्दी में मौजूद फैट मैट्रिक्स की वजह से अंडे का लगभग दो-तिहाई हिस्सा सीधे एनर्जी में बदल जाता है। इससे ब्लड शुगर में बड़े उतार-चढ़ाव नहीं आते और दिनभर एनर्जी स्थिर रहती है।
अंडे से मिलने वाले कमाल के पोषक तत्व
• कोलीन – ब्रेन हेल्थ, लिवर फंक्शन और न्यूरोट्रांसमीटर बनाने के लिए जरूरी।
• ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन – आंखों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट।
• विटामिन A (रेटिनॉल), K2, D – हड्डियों, इम्यूनिटी और हार्ट के लिए फायदेमंद।
• फॉस्फोलिपिड्स – ब्रेन सेल मेम्ब्रेन और DNA रिपेयर में मददगार।
• मिथाइलेशन कोफैक्टर्स – कई लोगों में जेनेटिक वजह से ये पोषक तत्व कम बनते हैं, अंडे उन्हें पूरा करते हैं।
ये पोषक तत्व कई लोगों को जेनेटिक रूप से मिलना मुश्किल होता है, खासकर जिनका कोलीन मेटाबॉलिज्म कमजोर है।
सामान्य vs पेस्टर्ड-रेज्ड अंडे – कौन बेहतर?
सामान्य (कन्वेंशनल) अंडे भी ज्यादातर प्रोसेस्ड “हेल्थ फूड्स” से ज्यादा कंप्लीट न्यूट्रिशन देते हैं। लेकिन पेस्टर्ड-रेज्ड अंडे (मुर्गियां खुले में घास-चरागाह पर चरती हैं) और भी बेहतर होते हैं। इनमें:
• ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है।
• कैरोटेनॉयड्स (ल्यूटिन, ज़ेक्सैन्थिन) का लेवल ऊंचा होता है।
इसलिए जहां उपलब्ध हों, पेस्टर्ड-रेज्ड अंडे चुनना सबसे अच्छा विकल्प है।
रोज कितने अंडे सुरक्षित?
शॉर्ट एंड स्वीट जवाब: स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोज 3 से 4 अंडे खाना कोलेस्ट्रॉल का कोई खतरा नहीं है। बल्कि यह आपके न्यूट्रिशन को जबरदस्त अपग्रेड देता है।
यह जानकारी 2015 की एक महत्वपूर्ण स्टडी पर आधारित है –
Berger, S. et al. (2015) – “Dietary cholesterol and cardiovascular disease: a systematic review and meta-analysis” – American Journal of Clinical Nutrition।
नोट: कुछ हालिया स्टडीज में मिश्रित नतीजे आए हैं, खासकर डायबिटीज या पहले से हार्ट प्रॉब्लम वाले लोगों में। इसलिए अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें।
अंडे को अब डर के नहीं, बल्कि प्यार से खाइए – क्योंकि ये प्रकृति का दिया हुआ सबसे कंप्लीट और पावरफुल फूड है! 🥚
Jeevan Disha News
Demo Description
Demo Description
Demo Description