(जीवन दिशा न्यूज़): क्रिएटिन दुनिया का सबसे ज्यादा रिसर्च किया गया सप्लीमेंट है, लेकिन फिर भी लोगों में इसके बारे में बहुत सारी गलतफहमियां हैं। मशहूर सर्जन डॉ. अंशुमान कौशल ने क्रिएटिन को लेकर आम मिथकों को खारिज करते हुए विस्तार से जानकारी दी है।
डॉ. कौशल ने बताया कि क्रिएटिन स्टेरॉयड, हॉर्मोन या स्टिमुलेंट नहीं है। यह एक अमीनो एसिड डेरिवेटिव है, जो हमारे लीवर, किडनी और पैंक्रियास द्वारा रोजाना लगभग 1 ग्राम बनाया जाता है। इसके अलावा हम मांसाहारी भोजन से 1-2 ग्राम अतिरिक्त क्रिएटिन लेते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य:
• शाकाहारी और वेगन लोगों में मसल क्रिएटिन स्टोर सामान्य लोगों की तुलना में 50% कम होता है।
• इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन के अनुसार, स्वस्थ वयस्कों में 3-5 ग्राम प्रतिदिन क्रिएटिन मोनोहाइड्रेट लेना सुरक्षित और प्रभावी है।
• सामान्य किडनी फंक्शन वाले लोगों में लंबे समय तक उपयोग करने पर भी किडनी डैमेज का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
• ब्लड टेस्ट में क्रिएटिनिन बढ़ने पर घबराएं नहीं — यह मापन की गलती है, असली किडनी डैमेज नहीं।
डॉ. कौशल ने आगे कहा कि नींद की कमी में क्रिएटिन दिमागी क्षमता बढ़ाने और डिप्रेशन में सहायक भूमिका निभा सकता है।
चेतावनी: यह केवल शैक्षिक जानकारी है। किडनी की समस्या, लीवर डिजीज, गर्भावस्था, स्तनपान या 18 साल से कम उम्र के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के क्रिएटिन नहीं लेना चाहिए। शुरू करने से पहले ब्लड टेस्ट (eGFR, Cystatin C) जरूर करवाएं।
यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां जिम जाने वाले युवा इसे शेयर कर रहे हैं।
निष्कर्ष: अगर आप जिम जाते हैं या फिटनेस सुधारना चाहते हैं, तो क्रिएटिन एक सुरक्षित और फायदेमंद सप्लीमेंट हो सकता है — बशर्ते सही तरीके से लिया जाए।
नोट: कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह अवश्य लें।
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