(जीवन दिशा न्यूज़): आज के दौर में जहाँ हर तरफ़ निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का बोलबाला है, वहीं मरीजों के लिए सही डॉक्टर चुनना बेहद मुश्किल हो गया है। मार्केटिंग, फेक रिव्यू और कमीशन के चक्कर में अच्छे-बुरे की पहचान कर पाना आसान नहीं। इसी मुद्दे पर प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनुज ने सोशल मीडिया पर 10 ज़रूरी सलाह साझा की हैं, जिन्हें जानकर आप ग़लत हाथों में पड़ने से बच सकते हैं।
डॉ. अनुज ने लिखा है कि ये सलाह ख़ास तौर पर निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के लिए हैं, हालाँकि सरकारी अस्पतालों में भी बुनियादी बातें तो पूरी होनी ही चाहिए।
1. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से प्रचार करवाने वाले क्लीनिक-अस्पताल से दूर रहें
“मार्केटिंग का हर पैसा मरीजों की जेब से ही जाता है। जिस क्लीनिक को इन्फ्लुएंसर की ज़रूरत पड़ रही है, वहाँ डॉक्टरों का स्तर आम तौर पर न्यूनतम होता है।”
2. गूगल रिव्यू पर आँख मूंदकर भरोसा न करें
“ज़्यादातर रिव्यू फेक होते हैं।”
3. अगर डॉक्टर ये नहीं बता पा रहे तो तुरंत सेकंड ओपिनियन लें
• आपको बीमारी क्या है?
• बीमारी क्यों हुई?
• इलाज के सारे विकल्प क्या हैं?
• इलाज न कराने के नुकसान क्या होंगे?
4. डॉक्टर की अपनी फार्मेसी या लैब हो तो दिक़्कत नहीं, ज़बरदस्ती हो तो तुरंत बदलें
“दवाई यहीं से लेनी पड़ेगी” या “सिर्फ़ हमारी लैब की रिपोर्ट मान्य होगी” – ऐसे डॉक्टर से बचें।
5. इलाज की गारंटी देने वालों से सावधान
“99% मामलों में ऐसे डॉक्टर बाद में गड़बड़ निकलते हैं।”
6. सेकंड ओपिनियन लेने पर भड़कने वाला डॉक्टर ठीक नहीं
अच्छा डॉक्टर कभी नाराज़ नहीं होता।
7. ICU में “मरीज कब तक ठीक हो जाएगा?” का सटीक जवाब कोई नहीं दे सकता
डॉक्टर भविष्यवक्ता नहीं होते। अगर डॉक्टर मरीज की मौजूदा स्थिति और चल रहे इलाज से हो रहे बदलाव स्पष्ट बता रहे हैं, तो वही काफी है।
8. डॉक्टर की डिग्री अवश्य चेक करें
पर्चे पर स्पष्ट लिखी होनी चाहिए।
9. इलाज के खर्च में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए
10. हर जांच व दवा का कारण ज़रूर पूछें
अच्छा डॉक्टर बिना झिझके बताएगा कि यह जांच या दवा क्यों ज़रूरी है।
डॉ. अनुज की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है और हज़ारों लोग इसे शेयर कर रहे हैं। कई मरीज़ों ने कमेंट में लिखा है कि उनके साथ भी ऐसा अनुभव हो चुका है और अब वे इन नियमों को हमेशा याद रखेंगे।
चिकित्सा विशेषज्ञों का भी कहना है कि मरीजों को जागरूक होना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ग़लत इलाज से जान-माल दोनों का नुकसान होता है।
अगर आप भी किसी डॉक्टर के पास जा रहे हैं तो डॉ. अनुज के इन 10 नियमों को एक बार ज़रूर पढ़ लें – यह आपके और आपके परिवार की सेहत के लिए सबसे सस्ता इंश्योरेंस साबित हो सकता है।
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