दिल्ली सरकार शुरू करने जा रही ग्रामीण इलाकों में आबादी देह भूमि का व्यापक सर्वे, ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक का पक्का प्रमाण

(जीवन दिशा न्यूज़) दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही आबादी देह भूमि की पहचान, स्वामित्व और दस्तावेजी अस्पष्टता को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि अब गांवों की आबादी देह क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा, रिकॉर्ड तैयार होंगे और उनका कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। इस सर्वे के जरिए हर घर और प्लॉट को ठीक तरीके से चिन्हित किया जाएगा और पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।

यह पहल केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत लागू की जा रही है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शुरू किया था। दिल्ली सरकार ने इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ‘दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण और अभिलेख संचालन नियमावली, 2025’ का ड्राफ्ट तैयार किया है।

सर्वे प्रक्रिया में ड्रोन और एरियल मैपिंग तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके बाद राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर जांच करेंगे, ताकि नक्शों में दिखाई गई सीमाएं जमीन की वास्तविक स्थिति से पूरी तरह मेल खाएं। राजस्व विभाग ने अप्रैल 2022 में भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था, जिसके तहत दिल्ली के 48 ग्रामीण गांवों में स्वामित्व योजना लागू की जा रही है। अब तक 31 गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।

स्वामित्व योजना के अंतर्गत हर घर या प्लॉट के लिए प्रॉपर्टी कार्ड जारी किया जाएगा। यह कार्ड संपत्ति के मालिकाना हक का पक्का कानूनी प्रमाण होगा। इससे दशकों से चले आ रहे जमीन संबंधी विवादों का समाधान होगा। प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से ग्रामीणों को बैंक से लोन लेना आसान हो जाएगा, साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल से गांवों में सड़क, पानी, नाली, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की योजना बेहतर तरीके से लागू की जा सकेगी। आबादी देह क्षेत्रों में नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने आबादी देह अभिलेखों के पूर्ण कंप्यूटरीकरण का भी निर्णय लिया है, जिसके लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक शुल्क देकर अपने भूमि रिकॉर्ड आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

यह कदम ग्रामीण दिल्ली के निवासियों के जीवन में भरोसा, स्थिरता और विकास लाने की दिशा में एक मजबूत पहल है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन तकनीक और ग्राउंड वेरिफिकेशन का संयोजन इस सर्वे को सटीक और पारदर्शी बनाएगा।

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