एकल श्री राम कथा: आठवें दिन भाईश्री रमेश भाई ओझा ने सुनाया सीता स्वयंवर और राम विवाह का मार्मिक प्रसंग

(जीवन दिशा) नई दिल्ली। पंजाबी बाग जन्माष्टमी स्टेडियम, रिंग रोड पर एकल भारत लोक शिक्षा परिषद् के ‘रजत जयंती वर्ष’ के उपलक्ष्य में आयोजित “एकल श्री राम कथा” के आठवें दिन विश्व प्रसिद्ध कथा व्यास भाईश्री रमेश भाई ओझा ने श्रद्धालुओं को कथा का अमृतपान कराया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय दर्शन में पति-पत्नी के पवित्र बंधन को एक ही आत्मा का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह विदेशी संस्कृति के विपरीत एक-दूसरे के पूरक के रूप में स्थापित है। भगवान राम ने माता सीता को अपनी अर्धांगिनी स्वीकार कर इस बंधन को जीवन पर्यंत निभाया और मानवता के समक्ष एक अनुपम आदर्श प्रस्तुत किया।

कथा के दौरान भाईश्री ओझा ने जनक दरबार में भगवान राम द्वारा गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से शिव धनुष भंग करने और सीता स्वयंवर के प्रसंग का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जनक दरबार में आए महावीरों द्वारा शिव धनुष को हिलाने में असफलता और राजा जनक के शूरवीरों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाने के बाद लक्ष्मण के क्रोध और भगवान राम द्वारा धनुष भंग करने के रोमांचक प्रसंग को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इस घटना से रावण सहित सभी दंभी राजाओं का अभिमान चूर-चूर हो गया। इसके साथ ही सीता जी द्वारा भगवान राम को जयमाला पहनाने और राम-सीता विवाह के मार्मिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

भाईश्री ओझा ने कहा कि राम-सीता की यह आदर्श जोड़ी सृष्टि के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान युग में भगवान राम जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम के चरित्र को जीवन में उतारना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। उन्होंने एकल अभियान की पवित्र यात्रा को सराहते हुए कहा कि इसे श्री राम कथा के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास अनुकरणीय है।

विशिष्ट अतिथियों ने सुनी राम कथा

शनिवार को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और सांसद योगेंद्र चंदोलिया सहित कई विशिष्ट जनों ने श्री राम कथा में भाग लिया और कथा व्यास भाईश्री रमेश भाई ओझा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस भव्य आयोजन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह कथा भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत 2082, चैत्र नवरात्रि के अवसर पर शुरू हुई और एकल अभियान के 25 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनियां

आयोजन में एकल अभियान पर वृत्त चित्र प्रदर्शन, एकल सुरताल कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पंचमुखी शिक्षा व समाज सेवा से जुड़े कार्यों पर प्रभावी प्रस्तुति दी गई। बताया गया कि देश भर में एक लाख एकल स्कूलों के माध्यम से करोड़ों बच्चों को शिक्षा और संस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 108 गांवों के ब्राह्मणों द्वारा सहस्र चंडी महायाग में वैदिक पूजा-पाठ और हवन का आयोजन भी हो रहा है।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर एकल अभियान भारत लोक शिक्षा परिषद ट्रस्ट बोर्ड के चेयरमैन लक्ष्मी नारायण गोयल, मुख्य संयोजक सुभाष अग्रवाल, ट्रस्टी ओम प्रकाश सिंघल, विनीत कुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन में अयोध्या के भव्य एकल श्रीराम मंदिर की झांकी, लाइव कंप्यूटर लैब और एकल अभियान के सभी आयामों की प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कथा का सीधा प्रसारण देश भर के एकल स्कूलों में भी किया जा रहा है।

यह आयोजन शिक्षित, स्वस्थ और स्वावलंबी राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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