( जीवन दिशा) 22 अगस्त 2025, – हाल ही में सामने आए शोध से पता चला है कि हाई-इंटेंसिटी स्प्रिंट ट्रेनिंग न केवल एक प्रभावी कार्डियो व्यायाम है, बल्कि यह शरीर में टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन (जीएच) जैसे एनाबॉलिक हार्मोन को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खोज फिटनेस उत्साहियों और एथलीट्स के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है, जो लंबे जिम सत्रों के बिना अपनी शारीरिक शक्ति, विस्फोटकता, और वसा हानि को बढ़ाना चाहते हैं।
शोध का आधार और परिणाम
हाल के वैज्ञानिक अध्ययनों, जिनमें क्रेमर एट अल. (1998) और बोस्को एट अल. (1995) के शोध शामिल हैं, ने हाई-इंटेंसिटी स्प्रिंट ट्रेनिंग के लाभों को रेखांकित किया है। क्रेमर एट अल. के शोध, जो यूरोपियन जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलॉजी में प्रकाशित हुआ (PMID: 9638782), में पाया गया कि युवा पुरुषों में उच्च-तीव्रता व्यायाम से प्लाज्मा ग्रोथ हार्मोन और टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ता है। इसी तरह, बोस्को एट अल. के अध्ययन (PMID: 7550226) ने अधिकतम स्प्रिंट रनिंग के दौरान हार्मोनल प्रतिक्रियाओं को मापा, जो इस बात की पुष्टि करता है कि स्प्रिंट ट्रेनिंग मांसपेशियों के विकास और प्रदर्शन में सुधार के लिए एक प्रभावी तरीका है।
इन अध्ययनों के अनुसार, स्प्रिंट ट्रेनिंग न केवल मुक्त टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाती है, बल्कि ग्रोथ हार्मोन के स्राव को भी प्रोत्साहित करती है। इसके अतिरिक्त, यह शक्ति, विस्फोटकता, और वसा हानि को एक साथ बढ़ावा देती है, जो इसे पारंपरिक कार्डियो व्यायाम से अलग बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेनिंग मांसपेशियों के एनाबॉलिक वातावरण को मजबूत करती है, जो एथलीट्स और फिटनेस प्रेमियों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
स्प्रिंट ट्रेनिंग का व्यावहारिक लाभ
सबसे आकर्षक पहलू यह है कि ये लाभ लंबे जिम सत्रों के बिना प्राप्त किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि ट्रैक, बाइक, या रोवर पर स्प्रिंट अंतराल जोड़ने से एथलीट्स अपने प्रदर्शन को बढ़ा सकते हैं और हार्मोनल लाभ प्राप्त कर सकते हैं, जो पहले केवल घंटों की मेहनत से संभव माना जाता था। यह दृष्टिकोण विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो व्यस्त जीवनशैली के बावजूद अपनी फिटनेस और शक्ति को बनाए रखना चाहते हैं।
विशेषज्ञ राय
फिटनेस कोच और एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई-इंटेंसिटी स्प्रिंट ट्रेनिंग एक कुशल और समय-बचाने वाला तरीका है। एक प्रमुख फिटनेस ट्रेनर ने कहा, “स्प्रिंट ट्रेनिंग एक हार्मोन एम्पलीफायर के रूप में काम करती है। यह न केवल शारीरिक प्रदर्शन को बेहतर बनाती है, बल्कि वसा हानि और मांसपेशियों के विकास को भी तेज करती है। यह हर किसी के लिए एक सुलभ और प्रभावी विकल्प है।”
भविष्य के परिदृश्य और सुझाव
इस शोध ने फिटनेस उद्योग में एक नई चर्चा शुरू कर दी है, जहां लोग पारंपरिक लंबे कार्डियो सत्रों को छोड़कर स्प्रिंट-आधारित वर्कआउट्स की ओर रुख कर सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि शुरुआती लोगों को अपने ट्रेनर की सलाह से छोटे अंतरालों के साथ शुरू करना चाहिए और धीरे-धीरे तीव्रता बढ़ानी चाहिए। इसके अलावा, उचित गर्म करने और ठंडा करने की प्रक्रिया को अपनाना भी जरूरी है ताकि चोट से बचा जा सके।
निष्कर्ष
हाई-इंटेंसिटी स्प्रिंट ट्रेनिंग का उदय न केवल एथलीट्स बल्कि सामान्य फिटनेस उत्साहियों के लिए भी एक आशाजनक विकल्प के रूप में सामने आया है। यह ट्रेनिंग समय की बचत के साथ-साथ हार्मोनल और शारीरिक लाभ प्रदान करती है, जो इसे आधुनिक जीवनशैली के लिए उपयुक्त बनाता है। आने वाले समय में, फिटनेस समुदाय इस दृष्टिकोण को और गहराई से अपनाने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य और प्रदर्शन में सुधार के नए आयाम खुल सकते हैं।
स्रोत:
• क्रेमर एट अल., हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज इनक्रिजेस प्लाज्मा ग्रोथ हार्मोन एंड टेस्टोस्टेरोन इन यंग मेन. यूरोपियन जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलॉजी, 1998. PMID: 9638782
• बोस्को एट अल., हार्मोनल रिस्पॉन्सेस टू मैक्सिमल स्प्रिंट रनिंग. यूरोपियन जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलॉजी, 1995. PMID: 7550226
संपर्क: अधिक जानकारी के लिए अपने स्थानीय फिटनेस विशेषज्ञ से संपर्क करें या प्रमाणित ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की जाँच करें।

Jeevan Disha News
Demo Description
Demo Description
Demo Description