(जीवन दिशा न्यूज़) दुनिया भर के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के लिए एक उम्मीद भरी खबर आई है। प्रसिद्ध क्लिनिकल ट्रायल्स DiRECT, DIADEM और ReTUNE के नतीजों से साफ़ हो गया है कि टाइप-2 डायबिटीज को दवाइयों के बिना पूरी तरह रिवर्स (उलट) किया जा सकता है, बशर्ते मरीज़ अपना वज़न 10-15% तक कम कर लें।
कैसे होता है रिवर्सल?
शोध बताते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज की मुख्य वजह शरीर में जमा अतिरिक्त फैट (खासकर पेट के अंदरूनी अंगों और पैंक्रियास के आसपास का फैट) होता है। यह फैट इंसुलिन के काम करने में रुकावट डालता है और पैंक्रियास की इंसुलिन बनाने की क्षमता को दबा देता है।
जब व्यक्ति वज़न कम करता है (खासकर 10-15% या उससे ज़्यादा), तो यह खतरनाक फैट तेज़ी से कम हो जाता है। नतीजा:
• इंसुलिन सेंसिटिविटी फिर से ठीक हो जाती है
• पैंक्रियास फिर से सामान्य मात्रा में इंसुलिन बनाना शुरू कर देता है
• ब्लड शुगर लेवल बिना दवाई के नॉर्मल हो जाता है — इसे ही “रिवर्सल” या “छूट” (remission) कहते हैं
कब सबसे ज़्यादा सफलता मिलती है?
• डायबिटीज हुआ हो 6 साल से कम समय पहले → सफलता की संभावना बहुत ऊँची (कई लोगों में 70-80% तक)
• डायबिटीज को 6 साल से ज़्यादा हो गया हो → कोशिकाएँ थक जाती हैं, रिवर्सल मुश्किल होता है, लंबे समय तक सख्त लाइफस्टाइल बदलाव और कभी-कभी दवाइयों की ज़रूरत पड़ती है
क्या करना पड़ता है?
• सख्त डाइट कंट्रोल (खासकर बहुत कम कैलोरी वाला शुरुआती प्लान, फिर संतुलित आहार)
• नियमित व्यायाम
• स्वस्थ आदतें अपनाना
ये बदलाव बीमारी की जड़ पर वार करते हैं, सिर्फ़ लक्षण दबाने वाली दवाइयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
विशेषज्ञों का कहना
“ये नतीजे बिल्कुल साफ़ हैं। टाइप-2 डायबिटीज को सिर्फ़ दवाइयों से कंट्रोल करने की बजाय, उसकी असली वजह यानी अतिरिक्त फैट को हटाकर हम इसे जड़ से खत्म कर सकते हैं। जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, उतना आसान और स्थायी इलाज होगा।” — शोधकर्ताओं का संयुक्त बयान
तो देर किस बात की है? अगर आपको या आपके किसी अपने को टाइप-2 डायबिटीज है, तो अभी डॉक्टर या सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर से संपर्क करें और वज़न कम करने का वैज्ञानिक प्लान शुरू करें।
यह बीमारी अब जीवन भर की नहीं रही।
Jeevan Disha News
Demo Description
Demo Description
Demo Description