(जीवन दिशा), : बारिश के मौसम में सांपों का खतरा बढ़ जाता है, और सांप के काटने की घटनाएँ भी देखने को मिलती हैं। भारत में हर साल हजारों लोग सांप के काटने से प्रभावित होते हैं, और समय पर सही उपचार न मिलने से कई जानें चली जाती हैं। सांप के काटने के लक्षणों की पहचान, तुरंत उपचार और सही जानकारी जीवन बचा सकती है। यहाँ हम आपको बताते हैं कि सांप के काटने पर क्या करें, क्या न करें, और कैसे पहचानें कि सांप जहरीला है या नहीं।
सांप के काटने पर क्या करें?
सांप के काटने की स्थिति में तुरंत और सही कदम उठाना जरूरी है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण कदम दिए गए हैं:
1. तुरंत चिकित्सा सहायता लें: राष्ट्रीय सर्पदंश हेल्पलाइन नंबर 15400 पर कॉल करें या नजदीकी अस्पताल जाएँ।
2. पीड़ित को सुरक्षित करें: पीड़ित को सांप से दूर ले जाएँ और शांत रखें। ज्यादा हिलने-डुलने से जहर तेजी से फैल सकता है।
3. जख्म की स्थिति: यदि काटा हुआ हिस्सा दिल से नीचे है, तो पीड़ित को लेटा दें। इससे जहर का फैलाव धीमा होता है।
4. जख्म को ढकें: जख्म को साफ, ढीली पट्टी से लपेटें। टाइट बैंडेज से बचें, क्योंकि इससे रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है।
5. तंग वस्तुएँ हटाएँ: प्रभावित अंग से चूड़ी, घड़ी, तंग कपड़े या जूते निकाल दें।
6. समय नोट करें: सांप के काटने का समय लिख लें, यह चिकित्सकों के लिए उपयोगी हो सकता है।
7. सांप की पहचान: यदि सुरक्षित हो, तो सांप की फोटो लें, लेकिन उसे पकड़ने की कोशिश न करें।
सांप के काटने पर क्या न करें?
कुछ गलतियाँ स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं। इनसे बचें:
1. जख्म को न काटें: जख्म को काटकर या चूसकर जहर निकालने की कोशिश न करें। यह फिल्मी तरीका खतरनाक है।
2. बर्फ न लगाएँ: जख्म पर ठंडी बर्फ लगाने से ऊतक क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
3. दवा या पेय न दें: बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा, शराब या कैफीन युक्त पेय न दें।
4. पीड़ित को न चलाएँ: पीड़ित को पैदल न ले जाएँ, उन्हें वाहन से अस्पताल पहुँचाएँ।
5. सक्शन मशीन का उपयोग न करें: पंप सक्शन डिवाइस से जहर निकालने की कोशिश न करें, यह प्रभावी नहीं है।
सांप के काटने के लक्षण
सांप के काटने के लक्षणों की पहचान तुरंत करना जरूरी है:
• उल्टी, दस्त, बुखार, सिरदर्द
• घाव के आसपास सूजन, जलन या लालिमा
• पलकों का गिरना, मांसपेशियों में कमजोरी
• कंपकंपी, अकड़न, तेज पल्स, थकान
• पैरालिसिस, प्यास, या निम्न रक्तचाप
जहरीले और गैर-जहरीले सांप की पहचान
भारत में लगभग 250 प्रकार के सांप पाए जाते हैं, जिनमें से चार सबसे घातक हैं: कॉमन कोबरा, सॉ-स्केल्ड वाइपर, कॉमन क्रेट, और रसेल वाइपर। जहरीले सांप की पहचान के लिए:
1. सिर का आकार: जहरीले सांप का सिर त्रिकोणीय और चौड़ा होता है, जबकि गैर-जहरीले सांप का सिर सामान्य और गोल होता है।
2. काटने के निशान: जहरीले सांप के काटने में आमतौर पर दो गहरे दाँतों के निशान होते हैं, जबकि गैर-जहरीले सांप के काटने में छोटे-छोटे कई निशान दिखते हैं।
प्राथमिक उपचार
1. जख्म को साफ करें: जख्म को साबुन और साफ पानी से धोएँ।
2. ड्रेसिंग करें: साफ कपड़े से हल्की ड्रेसिंग करें।
3. ढीली पट्टी बाँधें: जरूरत हो तो जख्म को हल्की पट्टी से बाँधें, लेकिन बहुत कसकर नहीं।
विशेषज्ञ की सलाह
डॉ. रमेश शर्मा, सर्पदंश विशेषज्ञ, कहते हैं, “सांप के काटने का इलाज समय पर और सही तरीके से करना जरूरी है। मिथकों और गलत उपचारों से बचें। तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएँ जहाँ एंटी-वेनम उपलब्ध हो।”
निष्कर्ष
सांप का काटना एक आपातकालीन स्थिति है, और सही जानकारी और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें, ताकि बारिश के मौसम में सांप के काटने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

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