फाइबर युक्त आहार: क्रोनिक बीमारियों का जोखिम कम करने वाली सरल आदत

(जीवन दिशा न्यूज़) – आज की तेज़ रफ़्तार वाली ज़िंदगी में अनगिनत डाइट ट्रेंड्स के बीच, डाइटरी फाइबर एक ऐसी सरल आदत के रूप में उभरकर सामने आया है जो कई गंभीर क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। 1.7 करोड़ से अधिक लोगों पर किए गए एक बड़े अध्ययन से पता चला है कि रोज़ाना फाइबर का सेवन बढ़ाने से स्वास्थ्य पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

अध्ययन के अनुसार, रोज़ाना 30 ग्राम फाइबर का सेवन करने से पैंक्रियाटिक और पेट के कैंसर का जोखिम 40% तक कम हो जाता है, जबकि स्ट्रोक का खतरा 18% घट जाता है। इसके अलावा, फाइबर का सेवन मेटाबॉलिक सिंड्रोम की संभावना को 19.2% और ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम 8.6% तक कम करता है।

खास बात यह है कि हर 7 ग्राम फाइबर की अतिरिक्त मात्रा हृदय रोग के जोखिम को 8.7% तक कम कर देती है। फाइबर की बल्क, विस्कॉसिटी, आयन-एक्सचेंज क्षमता और किण्वन प्रक्रिया ग्लूकोज तथा लिपिड नियंत्रण को बेहतर बनाती है और आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।

फाइबर इंक्रेटिन नामक आंत हार्मोन की रिहाई को प्रभावित करता है, जो भोजन के बाद इंसुलिन रिलीज को बढ़ाकर ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। साथ ही, यह सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जो कैंसर और समय से पहले मौत के प्रमुख कारण हैं।

इसलिए, ये निष्कर्ष स्पष्ट करते हैं कि फाइबर बैकग्राउंड में काम करता हुआ आपके माइक्रोबायोम को पोषण देता है, मेटाबॉलिज़्म को स्थिर रखता है और लंबी उम्र तक स्वास्थ्य की रक्षा करता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि अधिकांश वयस्कों को उम्र और लिंग के अनुसार रोज़ाना 25-35 ग्राम फाइबर का लक्ष्य रखना चाहिए। फल, सब्ज़ियां, साबुत अनाज, दालें और नट्स जैसे स्रोतों से इसे आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

वैज्ञानिक संदर्भ: एक बड़े मेटा-एनालिसिस (17,155,277 व्यक्तियों पर आधारित) में फाइबर के इन लाभों की पुष्टि हुई है।

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