(जीवन दिशा) नई दिल्ली,- हाल ही में 53 दवाइयां क्वालिटी टेस्ट में फेल होने के बाद, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नकली दवाइयों के खतरे के बारे में चेतावनी दी है। नकली दवाइयों का सेवन न केवल आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है।
आइए जानते हैं कि नकली और असली दवाइयों की पहचान कैसे कर सकते हैं:
– लाइसेंस दुकान से खरीदें: दवाइयां हमेशा लाइसेंस दुकान से ही खरीदें और बिल जरूर लें।
– ऑनलाइन खरीदने से बचें: ऑनलाइन दवाइयां खरीदने से बचना चाहिए, इसमें फ्रॉड की संभावना ज्यादा होती है।
– कीमत और ऑफर: अक्सर नकली दवाइयां आपको काफी सस्ती और डिस्काउंट पर मिलेंगी।
– पैकेजिंग में फर्क: अगर आपको दवाई के प्रिंटिंग में कोई स्पेलिंग मिस्टेक या डिजाइन में फर्क दिखता है, तो सावधान हो जाएं।
– बैच नंबर, मैन्युफैक्चर डेट, और एक्सपायरी डेट: दवाइयां पर बैच नंबर, मैन्युफैक्चर डेट, और एक्सपायरी डेट लिखी होनी चाहिए।
– बारकोड, यूनिक कोड या क्यूआर कोड: अगर आपको दवाइयों के पैकेट पर बारकोड, यूनिक कोड या क्यूआर कोड नहीं दिखाई देता, तो उन दवाइयों को खरीदने से बचें।
– ऊपरी परत: नकली दवाई की ऊपरी परत आमतौर पर सिकुड़ी हुई और खराब मिलेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. विकास ने कहा, “नकली दवाइयों से सावधान रहना बहुत जरूरी है। हमें हमेशा लाइसेंस दुकान से दवाइयां खरीदनी चाहिए और बिल जरूर लेना चाहिए।”

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