(जीवन दिशा न्यूज़)
👉 दांतों में कीड़े लग जाने पर रात्रि को दांत में हींग दबाकर सोएँ। कीड़े खुद-ब-खुद निकल जाएंगे।
👉 यदि शरीर के किसी हिस्से में कांटा चुभ गया हो तो उस स्थान पर हींग का घोल भर दें। कुछ समय में कांटा स्वतः निकल आएगा।
👉 हींग में रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है। दाद, खाज, खुजली व अन्य चर्म रोगों में इसको पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से लाभ होता है।
👉 हींग का लेप बवासीर, तिल्ली में लाभप्रद है।
👉 कब्जियत की शिकायत होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोडा मिलाकर रात्रि को फांक लें, सबेरे शौच साफ होगा।
👉 पेट के दर्द, अफारे, ऐंठन आदि में अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करें तो लाभ होगा।
👉 पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।
👉 जख्म यदि कुछ समय तक खुला रहे तो उसमें छोटे-छोटे रोगाणु पनप जाते हैं। जख्म पर हींग का चूर्ण डालने से रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।
👉 प्रतिदिन के भोजन में दाल, कढ़ी व कुछ सब्जियों में हींग का उपयोग करने से भोजन को पचाने में सहायक होती है।
हींग का सेवन पाचन क्रिया को सुधारता है और गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करता है।
यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है जो पेट की सूजन को कम करता है।
हींग का नियमित और उचित मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है। हालांकि, इसका अत्यधिक सेवन भी हानिकारक हो सकता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए।
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