इसीलिए सावधानी और सतर्कता बेहद ज़रूरी है। यदि किसी ऐसे जानवर के संपर्क में आएँ तो जितनी जल्दी हो anti-rabies वैक्सीन ले लेनी चाहिये – डॉ अनुज कुमार

(जीवन दिशा न्यूज़) रेबीज को लेकर तथ्य तो हम सभी को जानना चाहिए:

1) रेबीज सिर्फ़ कुत्तों के काटने से नहीं बल्कि बिल्ली, बंदरों इत्यादि से भी हो सकता है

2) जानवरों के काटने के अलावा नोचने से भी हो सकता है

3) वैक्सीन की कोई समय सीमा नहीं है। अर्थात् अगर किसी कारणवश 24 घंटे के अंदर नहीं लगवा पाये तो बाद में भी लगवा सकते। symptom आने से पहले लग जाना चाहिये।
अगर एक साल पहले काटा है तो भी अभी लगवा सकते हैं।

4) रेबीज के symptom आने के समय में काफ़ी ज़्यादा variation है। हो सकता है 4 दिन में ही आ जाये या 25 वर्ष बाद भी।
अगर exposure हुआ है तो ना ख़ुद में symptom आने का इंतज़ार करना है और ना जानवर के मरने का। जितनी जल्दी हो सके anti rabies vaccine लेना है

5) रेबीज लाइलाज बीमारी है।वैक्सीन ही उपचार है। मरीज़ में अगर रेबीज के लक्षण आ जाये तो मृत्यु दर क़रीब 100 फ़ीसदी है।

 

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